:
Breaking News

पटना में BPSC नौकरी के नाम पर 40 लाख की ठगी, JDU नेता समेत 5 पर FIR से मचा हड़कंप

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना में BPSC के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी के मामले में EOU ने जदयू नेता समेत पांच लोगों पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पटना/आलम की खबर:पटना में बीपीएससी परीक्षा के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इस मामले में कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र से पूर्व राजद उम्मीदवार और वर्तमान जदयू नेता डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक से लेकर राजनीतिक हलकों तक में हड़कंप मच गया है।

आरोप है कि बीपीएससी के माध्यम से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पटना पुलिस में तैनात एक महिला दारोगा से करीब 40 लाख रुपये लिए गए थे। यह रकम उनके बेटे को परीक्षा में सफल कराने और सरकारी नौकरी दिलाने के वादे के तहत ली गई थी। लेकिन लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने पर जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो उसे टालमटोल किया गया और बाद में केवल 25 लाख रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में बाउंस हो गया।

ईओयू की FIR में कई नाम शामिल, जांच तेज

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में जदयू नेता डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी के साथ उनके पिता ब्रजकिशोर प्रसाद, पत्नी डॉ. रजनी, महिला दारोगा आशा सिंह और उनके पुत्र रितेश कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी ईओयू की डीएसपी स्वाति कृष्णा को सौंपी गई है।

जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि पैसे का लेन-देन किन-किन माध्यमों से हुआ और क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ एक लेन-देन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की संभावना है।

नौकरी के नाम पर भरोसा और फिर ठगी का आरोप

जानकारी के अनुसार, पटना जिला पुलिस बल में तैनात महिला दारोगा आशा सिंह ने अपने बेटे रितेश कुमार को बीपीएससी परीक्षा के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के लिए विभिन्न स्रोतों से बड़ी रकम जुटाई थी। आरोप है कि यह रकम डॉ. धर्मेंद्र कुमार और अन्य आरोपियों को दी गई थी, जिसके बदले में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था।

लेकिन जब लंबे समय तक कोई परिणाम नहीं मिला, तो पीड़िता ने पैसे वापस मांगे। इसके बाद उसे आंशिक रूप से 25 लाख रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद मामला बढ़ता गया और आखिरकार यह विवाद थाने से होते हुए आर्थिक अपराध इकाई तक पहुंच गया।

पहले बंद हो चुकी थी जांच, हाईकोर्ट के बाद फिर खुला मामला

इस मामले की शुरुआत जनवरी 2024 में जक्कनपुर थाना कांड संख्या 39/2024 के तहत दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। उस समय पुलिस ने जांच पूरी कर जुलाई 2024 में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था और केस को बंद मान लिया गया था।

हालांकि बाद में पीड़िता की ओर से पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरवरी 2026 में पुनः जांच के आदेश दिए। इसके बाद पटना सदर एसडीपीओ (एक) द्वारा दोबारा जांच की गई, जिसमें कई नए तथ्य सामने आए और मामले ने फिर से गति पकड़ ली।

जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

दोबारा जांच में यह सामने आया कि महिला दारोगा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे के लिए नौकरी पाने के उद्देश्य से बड़ी रकम जुटाई थी। जांच में यह भी पाया गया कि पैसे अलग-अलग स्रोतों से एकत्र किए गए थे और यह रकम कथित तौर पर नौकरी दिलाने के नाम पर दी गई थी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह पूरा मामला केवल व्यक्तिगत लेन-देन नहीं बल्कि प्रभाव और भरोसे का दुरुपयोग भी हो सकता है, जिसकी गहन जांच की जरूरत है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

इस मामले में जदयू नेता का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी जदयू के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में प्रदेश महासचिव हैं। ऐसे में मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है।

हालांकि अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

EOU की जांच में तेजी, पूरे नेटवर्क की तलाश

आर्थिक अपराध इकाई अब पूरे लेन-देन और नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस तरह की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं और क्या नौकरी दिलाने के नाम पर पहले भी ऐसे लेन-देन हुए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *